शेयरों में कैसे व्यापार करें
हम अवसर ढूंढ़ते हैं
हम क्षमता बढ़ाते हैं

हज़ारों सालों से लोग ये समझते आ रहे हैं कि किसी वस्तु को कम कीमत में खरीदने और उसे बाद में उच्‍च मूल्‍य पर बेचने की अवधारणा से आर्थिक लाभ होता है। आज के वित्तीय बाजार में स्‍टॉक व्यापार का यही मूलभूत सिद्धांत है।

इतना सरल होने के बावजूद, कई लोग, बाजार विशेषज्ञ और वित्तीय संस्‍थान स्‍टॉक व्यापार में पैसा गंवा देते हैं। प्रश्न उठता है कि क्‍यों?

अपर्याप्त ज्ञान और कौशल:

अनेक व्यापारियों (खुदरा और संस्‍थान दोनों) में शेयरों का व्यापार करने के कौशल और वित्तीय ज्ञान की समझ का अभाव होता है।

निवेशक को तय करना होता है उसे कहाँ व्यापार करना है। क्या वह हाँग काँग स्टॉक एक्सचेंज या लंदन स्टॉक एक्सचेंज जैसी वैश्विक एक्सचेंज है या अमेरिका में एनवाईएसई और नेस्डैक है या दुबई, मुंबई, शंघाई और सिंगापुर जैसी क्षेत्रीय एक्सचेंज? अधिकतर निवेशकों ने अपने स्थानीय एक्‍सचेंज से संबंध विकसित कर रखे हैं क्‍योंकि वे वहां सूचीबद्ध हुई कंपनियों से परिचित हैं, बावजूद इसके कि वह सर्वश्रेष्ठ स्‍टॉक एक्‍सचेंज नहीं है। एक समझदार निवेशक बेशक सबसे ज़्यादा व्यापारिक मात्रा और चल निधि से पूर्ण बाज़ार का चयन करेगा जहां विश्व के सभी खिलाड़ी मौजूद हैं। एनवाईएसई और नेस्डैक की तुलना में ऐसा और कोई मौजूद नहीं है। व्यापार करने के किसी भी सामान्य दिन पर इन दोनों एक्सचेंजों में संयुक्त रूप से 150 अरब डॉलर का व्यापार किया जाता है। ऐसी मात्रा और तरलता दुनिया भर की स्टॉक एक्सचेंजों से बहुत ऊपर है। बहुत बड़ी व्यापारिक मात्रा और जोखिम लेने वाले निवेशकों की एक व्यापक श्रेणी के साथ, अक्सर फायदेमंद व्यापार करना आसान होता है।

निवेशक को विश्व के ताज़ा रुझानों पर स्वयं को शिक्षित कर बाद में बाज़ार के मौजूदा या आने वाले पसंदीदा व्यापार क्षेत्र की पहचान करनी होती है। वैश्विक महामारी के प्रकोप के कारण यह जैव प्रौद्योगिकी और दवा निगम भी हो सकते हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उछाल के चलते यह ऊर्जा क्षेत्र हो सकता है। अन्य प्रमुख उत्पादक महाद्वीप/देश में खराब मौसम/महामारी के प्रकोप के परिणामस्वरूप वैश्विक उत्पादन में गिरावट के कारण यह किसी विशेष प्रकट का वस्तु क्षेत्र हो सकता है। सही क्षेत्र में शेयरों में व्यापार करने से ज़रूरी नहीं है कि फायदा होगा लेकिन ऐसा ज़रूर हो सकता है कि कम से कम कुछ समय के लिए उन शेयरों का मूल्य बढ़ जाए। अधूरी जानकारी रखने वाला या अज्ञानी निवेशक शायद गलत शेयर खरीद बैठे क्योंकि बाकी सभी उन शेयरों को बेच रहे हैं और "लोकप्रिय" क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं।

ऐसे कई विश्लेषणात्मक उपकरण हैं जिनका उपयोग किसी खास शेयर को खरीदने/व्यापार करने पर निर्णय लेने के लिए किया जा सकता है। समर्थन स्तर, प्रतिरोध स्तर, चलायमान औसत, मूल, मूल्य/कमाई (पी/ई) अनुपात, ज़्यादा बिक्री या कम कीमत के परिदृश्य जैसे बुनियादी ज्ञान पर हर समय विचार किया जाना चाहिए। निवेशक "लोकप्रिय" शेयरों में व्यापार करने का रुख करते हैं क्योंकि वे दिन के सक्रिय व्यापार वाले शीर्ष 10 शेयरों में से एक है बिना उसके पीछे के असली कारण को जाने। कुछ निवेशक अंत में शीर्ष 10 सबसे नुकसान देने वाले शेयर खरीद बैठते हैं, इस उम्मीद के साथ कि वह अगले दिन दोबारा ऊपर उठ जाएंगे। सभी प्रकार के तर्कहीन व्यापार से अंततः बड़े नुकसान होते हैं।

केवल उन्हीं कंपनियों में निवेश करें जिन्हें आप जानते हैं और विश्वास करते हैं

हर शेयर की अपनी विशेषता होती है। कुछ लोग इसे शेयर का डीएनए कहते हैं। कुछ शेयर लाभांश गिरने से पहले हमेशा ऊपर उठते हैं। कुछ शेयर उनके नए उत्पादों की शुरुआत से पहले ऊपर उठते हैं। कुछ शेयर वर्ष के कुछ निश्चित महीनों में ऊपर उठते हैं। कुछ शीर्ष प्रबंधनों का इतिहास रहा है कि वे अपने शेयरधारकों को खुश करने के लिए शेयरधारकों की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के आयोजन से पहले अपने शेयर के मूल्य को बढ़ाने के लिए शेयर वापस खरीदने (शेयरों की पुनर्खरीद) की योजना को आरंभ करते हैं।  कुछ शेयर किसी विशेष रुझान का अनुसरण नहीं करते हैं। किस भी निवेशक को व्यापार करने से पहले किसी विशेष शेयर का पूरी तरह से अध्ययन करना चाहिए, जैसा खासकर 9/10 के खुदरा निवेशकों ने नहीं किया था।

समय सब कुछ होता है। कुछ भी नहीं करना सीखें। कुछ भी नहीं करना ही अक्सर सही चीज़ होती है।

समय सब कुछ होता है खासकर शेयर व्यापार में। निवेशक को बाज़ार के सभी संकेतकों के बारे में सीखना चाहिए ताकि वह बाज़ार के रुझान और शक्ति के विरुद्ध नहीं जाए।

गलत व्यापार पद्धति:

दलाल फर्मों और बैंकों जैसे वित्तीय संस्‍थानों ने एक ऐसी प्रणाली तैयार कर रखी है अधिकतर व्यापारी अंतत: पैसा गंवा देते हैं।

शेयरों में व्यापार करने के तीन सबसे आम तरीके:

  • फायदा नहीं उठाना
  • अपने चुने हुए शेयरों खरीदें और पूरा भुगतान करें
  • मूल्य ऊपर जाने की प्रतीक्षा करें, फायदे पर बेचें और पूरी प्रक्रिया को दोबारा दोहराएं
  • बड़ा जोखिम क्योंकि एक बार गलत शेयर चुनने पर, आपकी पूंजी एक लंबे समय के लिए अटक जाएगी। यह तथ्य कि आपको फायदा नहीं दिया जा रहा है बताता है कि आपके जोखिम को फैलाने के लिए एक बड़ा पोर्टफोलियो बनाने के लिए आपके पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं।
  • कई निवेशक फायदा देने वाले शेयर बेच देते हैं और नुकसान देने वाले शेयरों को रखते हैं। तथ्य यही है कि अच्छी कंपनी के शेयर का मूल्य बढ़ता रहेगा जबकि खराब कंपनी का मूल्य घटता ही रहेगा। अंततः इस प्रकार के निवेशकों ने एक बहुत बड़ी बढ़त के अवसर को छोड़ दिया और ऐसे शेयर खरीद लिए जिनका कोई भविष्य नहीं है।
  • मार्जिन खाता
  • एक मार्जिन खाते में X रकम जमा करें और 3-10 गुना फायदा पाएं
  • शेयरों का एक उचित पोर्टफोलियो बनाने में सक्षम हों
  • मार्जिन खाते पर लिया जाने वाला ब्याज बहुत ज़्यादा होता है। दलाल प्राय: प्रतिस्पर्धी सीमांत दर उपलब्ध कराते हैं, लेकिन स्‍टॉक मूल्‍य के एक बार गिरने और धन के बाज़ार के संकुचित होने पर, ये सीमांत दरें आकाशों की ऊंचाइयों को छू सकती हैं क्योंकि सीमांत दर की गणना सीधे-सीधे कभी नहीं की जाती।
  • फायदा एक दो धारी तलवार होती है। अच्छे समय के दौरान, एक व्यापारी बहुत सारा फायदा कमा सकता है। बुरे समय के दौरान, व्यापारी को ज़्यादा मार्जिन दर और पोर्टफोलियो के कम मूल्यांकन के साथ बहुत सारी पूंजी का नुकसान हो सकता है; मार्जिन व्यापार एक बहुत जोखिम भरा व्यवसाय होता है।
  • मार्जिन ब्याज और नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए, निवेशक एक ऐसे चमत्कार की आशा में सस्ते शेयर खरीदते हैं जो कभी नहीं होता।
  • ज़्यादातर मार्जिन खाते अंततः भारी नुकसान के साथ बंद हो जाते हैं और यदि मूल रकम क्रेडिट कार्ड के साथ जुड़ी हुई हो; ऐसे नुकसान की भरपाई में निवेशक को वर्षों लग सकते हैं।
  • अंतर (सीएफडी) ट्रेडिंग के लिए अनुबंध करें
  • पिछले कुछ वर्षों से शेयरों और विदेशी मुद्रा व्यापार के लिए सीएफ़डी बहुत लोकप्रिय हो रही है।
  • फायदा बहुत ज़्यादा होता है, यहाँ तक कि खाता राशि से 50 गुना तक हो सकता है
  • सीएफडी व्यापार में, निवेशक वास्तव में कोई विशेष शेयर नहीं खरीदता है। असल में, वह एक शर्त लगाता/लगाती है यदि मूल्य ऊपर जाएगा या नीचे। यदि उसका अनुमान सही होता है, तो वह पैसा कमाता/कमाती है अन्यथा नहीं।
  • यूनाइटेड किंगडम में, इसे स्प्रेड बेटिंग के नाम से भी जाना जाता है और असल में यह जुए का एक रूप होता है।
  • यह बहुत जोखिम से भरा व्यापार है क्योंकि इसमें निवेश के मुक़ाबले जुए के गुण ज़्यादा होते हैं।
  • अनेक धार्मिक विद्वानों ने सीएफ़डी ट्रेडिंग को अधर्मी माना है।
  • बाजार में उथलपुथल के दौरान, सीएफ़डी व्यापारी उनकी पोजीशन को क्लोज़ नहीं कर पाएंगे क्योंकि चल निधि प्रदाता बाज़ार मूल्य पर खुला व्यापार करने पर राजी नहीं होंगे। यदि वे राजी हो भी जाएं, स्प्रेड या क्लोज़ मूल्य खाता धारक/व्यापारी को बहुत नुकसान पहुंचाएगा।
  • दरअसल, ज्यादातर निवेशक जो सीएफ़डी व्यापार करते हैं कुछ ही समय में अपनी सारी पूंजी खो देते हैं।

जैसा कि हम ने बताया, शेयर ट्रेडिंग का सिद्धांत सरल है। कम में खरीदना और ज़्यादा में बेचना। हालांकि, शेयर व्यापार सीधे-सादे लोगों का बाज़ार नहीं होता। हर समय कोई न कोई चालाकी और अटकल लगाई जा रही होती है। सही तथ्य, अफवाहें और झूठ सभी आपस में मिले हुए होते हैं, और निवेशक के पास सभी उपलब्ध जानकारी और आंकड़ों की व्याख्या करने का कौशल, ज्ञान और अनुभव होना चाहिए। यहाँ तक कि, संस्थागत खिलाड़ी भी एक दूसरे से पैसा जीतने के तरीके हमेशा ढूंढते रहते हैं और खुदरा खिलाड़ियों के पास खुद को कायम रखने का मौका भी नहीं होता, फायदा कमाना तो दूर की बात है।

इसलिए, Financial.org का उद्देश्य हमारे सदस्यों को शेयर बाज़ार का एक अच्छा व्यापारी कैसे बना जाए यह सिखाना होता है। व्यापार में शर्तिया जीत जैसी कोई चीज़ नहीं होती लेकिन उन लोगों के लिए सफलता के लिए जीत का एक फॉर्मूला होता है जो सीखना और उसका अभ्यास करते रहना चाहते हों।

वित्तीय शिक्षा: यात्रा कठिन है। लेकिन मज़ेदार और इनाम देने वाली होती है।

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